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Paswan Family Tragedy: रामविलास पासवान की संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद, पहली पत्नी के कमरे में जड़ा ताला, ये है पूरा मामला

दिवंगत समाजवादी नेता रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान के सामने एक बड़ी चुनौती है। यह चुनौती है पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा। LJP (लोक जनशक्ति पार्टी) दो हिस्सों में बंट गई है। एक हिस्सा चिराग पासवान के पास LJP-रामविलास के नाम से है। दूसरा हिस्सा उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के पास रालोजपा के नाम से है। खगड़िया में रामविलास पासवान के पैतृक घर में संपत्ति को लेकर विवाद हो गया है। रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी ने चिराग से खगड़िया आकर संपत्ति का बंटवारा करवाने को कहा है।

संपत्ति का बंटवारा एक जटिल मुद्दा

दरअसल, पासवान परिवार में संपत्ति का बंटवारा एक जटिल मुद्दा बन गया है। रामविलास पासवान के निधन के बाद उनके बेटे चिराग पासवान और भाई पशुपति कुमार पारस के बीच पार्टी और परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। राजकुमारी देवी चाहती हैं कि चिराग पासवान आगे आएं और संपत्ति का बंटवारा कराएं।

रामविलास के नाम से कोई जमीन नहीं

पासवान परिवार के पास गांव में रामविलास के नाम से कोई जमीन नहीं है। अलौली प्रखंड के शहरबन्नी गांव में उनका पुश्तैनी घर है। यह घर लगभग छह कट्ठा जमीन पर बना है। इसमें 6 कमरे हैं और यह दो मंजिला है। बताया जा रहा है कि यह जमीन उनके दादा के नाम पर है। रामविलास के भाई पशुपति पारस के नाम से शहरबन्नी और दरभंगा के कुशेश्वर स्थान इलाके में लगभग 50 बीघा जमीन है। रामचंद्र पासवान के नाम से 30 बीघा जमीन है। शहरबन्नी इनका ननिहाल है। अलौली प्रखंड के चातर में पारस और रामचंद्र के नाम से लगभग 60 बीघा जमीन बताई जा रही है।

जमीन की देखभाल राजकुमारी देवी करती थीं

LJP के टूटने से पहले राजकुमारी देवी ही जमीन की देखभाल करती थीं। उन्होंने अलौली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 30 मार्च को उनकी देवरानी शोभा देवी और सुनैना देवी ने उनके कमरे में ताला मार दिया। शोभा देवी, पशुपति पारस की पत्नी हैं और सुनैना देवी, रामचंद्र पासवान की पत्नी हैं। राजकुमारी ने कहा कि उनकी देवरानियां ड्राइवर और गार्ड के साथ आई थीं। उनके इस व्यवहार से उन्हें सदमा लगा है और वे बीमार हो गई हैं। अलौली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।

परिवार में राजनीति तेज

चिराग पासवान की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने बताया कि चिराग ने अपने भांजे को गांव भेजा है। उन्हें घर के तीन-चार कमरों में ताला मारने की खबर मिली थी। वहीं, पारस की पार्टी के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने इस मामले को मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा कि पारस के बिहार दौरे से चिराग पासवान की पार्टी में घबराहट है। इसलिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पारस ने 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती पर पटना में एक कार्यक्रम रखा है। चिराग पासवान के लोग उस कार्यक्रम को असफल करना चाहते हैं, इसलिए यह साजिश रची जा रही है।

रालोजपा के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा कि रामविलास पासवान अपने दोनों भाइयों से बहुत प्यार करते थे। उनकी पत्नी भी दोनों गोतनी के साथ प्यार से रहती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजकुमारी देवी ने इस मामले में कुछ नहीं बोला है। पुलिस को दी गई शिकायत में हस्ताक्षर भी किसी और ने किया है, लेकिन राजकुमारी ने बुधवार को मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि संपत्ति का बंटवारा उनके लिए सबसे जरूरी है।

क्या बोलीं राजकुमारी देवी

राजकुमारी देवी ने कहा कि चिराग हमारा बेटा है। वह हमारी देखभाल कर रहा है। चिराग की हर बात मानने को तैयार हैं। चिराग अपने पिता के तीनों भाइयों के हर जायदाद में अपना हिस्सा ले। उन्होंने आगे कहा कि देवरानियां घर के बंटवारे के लिए विवाद कर रही थीं। उन्होंने बताया कि चिराग जल्द ही आएगा और उनका हाल जानेगा। राजकुमारी देवी तीनों भाइयों की शहरबन्नी, खगड़िया, पटना और दिल्ली की जमीन और संपत्ति में बराबर की हिस्सेदारी चाहती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देवरानी ने ऊपर के कमरे में ताला लगा दिया और बिना कुछ कहे चली गईं। इसी वजह से उन्हें सदमा लगा और वे गिर गईं। डॉक्टरों ने उनका इलाज किया है और अब वे धीरे-धीरे स्वस्थ महसूस कर रही हैं।

रामविलास को अपनी जमीन देने को तैयार थे पशुपति पारस

स्थानीय लोगों और परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि पशुपति पारस पहले रामविलास पासवान को अपनी सारी जमीन में हिस्सा देने के लिए तैयार थे। लेकिन रामविलास ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब रामविलास और रामचंद्र दोनों भाई नहीं रहे। रामचंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज समस्तीपुर से सांसद थे। वे फिलहाल चाचा पारस की पार्टी में हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि परिवार की संपत्ति का बंटवारा राजनीतिक बंटवारे के बाद आसान नहीं है। तीन भाइयों में से दो अब नहीं हैं। चिराग की उनसे बन नहीं रही है। चिराग संपत्ति के लिए चाचा से बात करेंगे, इसमें संदेह है। ऐसे में बड़ी मां की संपत्ति बंटवारे की मांग को चिराग कैसे संभालते हैं, इस पर सबकी नजर है।

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