Jamshedpur : जेएनटाटा वोकेशनल कॉलेज में 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शरू

Jamshedpur : स्वावलंबी भारत अभियान एवं खादी ग्रामोद्योग आयोग के संयुक्त प्रयास से जेएनटाटा वोकेशनल कॉलेज बिस्टुपुर में विद्युतीय क्षेत्र से संबंधित 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह के समान्नित अतिथि गण स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संघर्षवाहिनी प्रमुख बंदे शंकर सिंह, टाटा स्टील लर्निंग डिपार्टमेंट की हेड कुमुद लता , खादी ग्रामोद्योग आयोग रांची के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी सुसंतो चक्रबर्ती, जेएनटीवीटी. के निदेशक बीबी सिंह और स्वावलंबी भारत अभियान के जिला समन्वयक पंकज सिंह रहे। मंच संचालन निदेशक बीबी सिंह और धन्यवाद ज्ञापन जे टीवीटी के एडमिन सुरेश चौधरी ने किया।
बीबी सिंह ने आभार व्यक्त किया
कार्यक्रम में अपने संस्थान के बारे में बताते हुए निदेशक बीबी सिंह ने कहा कि उनकी संस्थान जेएन टाटा की प्रेरणा से जरूरत मंद बच्चों को प्रशिक्षित कर उन्हें नौकरी दिलाने का कार्य करती रही है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थान में नॉन मैट्रिक से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट किये हुए बच्चों के लिए कोर्स है जिसे पूरा कर आज तक लगभग 23000 बच्चे नौकरी कर रहे हैं। कुमुद लता ने भारत सरकार के आधीन खादी ग्रामोद्योग आयोग के द्वारा बच्चों को प्रशिक्षित कर उनके कौशल विकास एवं उन्हें रोजगारयुक्त बनाने के लिए आभार व्यक्त किया साथ ही बच्चों को विश्वास दिलाया कि प्रशिक्षण में तो टाटा स्टील उनके साथ रहेगी ही साथ मे उसके बाद भी नौकरी मिलने तक उनका मार्गदर्शन करता रहेगा।
प्रशिक्षण लेने वाले 20 बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई
इस आयोजन के मुख्य अतिथि बंदे शंकर ने कहा कि 1000 ईस्वी तक भारत का पूरे विश्व जीडीपी का लगभग 35% हिस्सेदारी थी जो कि भारत में अंग्रेजों के आने तक 17 % हो गयी और वर्तमान में ये 3% से भी कम रह गया है। ऐसा इसलिए हुआ कि हमने अपने यहां उत्पाद करना कम कर दिया और दूसरों के सामानों का उपभोग करना शुरू कर दिया। यदि हम वापस से अपने कौशल का विकास कर कुछ न कुछ रोजगार करें तो हम न सिर्फ भारत को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाएंगे बल्कि कई लोगों को रोजगार देने का माध्यम भी बनेंगे। उन्होंने 15 दिवसीय प्रशिक्षण लेने वाले 20 बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में अमित मिश्रा, अनिल राय, मधुलिका मेहता, राज कुमार साह, राजपति देवी,जयप्रकाश सिंह, दुर्गा सैनी, अशोक कुमार के साथ 80 बच्चे भी उपस्थित रहे।